“न जाने कौन सी शोहरत पर आदमी को नाज़ है, जबकि आखिरी सफर के लिए भी आदमी औरों का मोहताज है।”
जब दिल किसी को चाहने लगता है, तो हर बात में मोहब्बत झलकती है — और उसी मोहब्बत को बताती है ये
पलकों में बसाकर तुझसे ख्वाब बुनते हैं,तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा